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विदेशी कंपनियों का बढ़ता भरोसा : उद्योगों से जिले का भविष्य चमकेगा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Jan 21, 2026
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डिफेंस कॉरिडोर, एचएमए निवेश से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

उन्नाव। अब सिर्फ उन्नाव एक जिला नहीं, बल्कि औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनता जा रहा है। लखनऊ–कानपुर हाईवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के संगम पर स्थित यह जिला आने वाले वर्षों में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाने वाला है। यहां औद्योगिक गलियारे के साथ-साथ रक्षा उद्योग गलियारा विकसित करने की तैयारी ने उन्नाव को निवेशकों के रडार पर ला दिया है। सदर तहसील के सराय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा तेजी से आकार ले रहा है। शासन की ओर से इसके लिए 186 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सड़क, बिजली, पानी, सीईटीपी और पेट्रोल पंप जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है ताकि यहां उद्योग लगाने वालों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन की योजना इसे आगे फेज-दो में 316 हेक्टेयर तक विस्तार देने की है। इसी औद्योगिक गलियारे के पास रक्षा उद्योग गलियारा स्थापित करने की भी तैयारी है। इसके लिए 230 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें करीब 40 हेक्टेयर सरकारी और शेष किसानों की जमीन है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने भूमि चिह्नांकन का काम पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी के मुताबिक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने रक्षा उद्योग गलियारे के लिए भूमि की मांग की थी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। यह गलियारा रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में मदद करेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्नाव की सबसे बड़ी ताकत उसकी भौगोलिक स्थिति है। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से नजदीकी, एक राष्ट्रीय राजमार्ग और दो एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी इसे देशी और विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षक बनाती है। यही वजह है कि यहां निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। विदेशी निवेश भी उन्नाव की औद्योगिक कहानी को नई ऊंचाई दे रहा है। यूएई का शाही परिवार यहां करीब चार हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। उनकी कंपनी फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट की स्थापना करेगी। इससे मत्स्य पालन और उससे जुड़े रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक यहां 65 एकड़ भूमि पर कैन निर्माण संयंत्र लगाने जा रही है। कंपनी करीब 1300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस प्लांट में शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बियर के लिए कैन बनाए जाएंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।


उन्नाव के औद्योगिक विकास में मांस निर्यातक एचएमए ग्रुप की भूमिका भी लगातार मजबूत होती जा रही है। एचएमए ग्रुप पहले से ही दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में अपनी मांस निर्यात इकाई संचालित कर रहा है, जिसकी शाखाएं दिल्ली, अलीगढ़ और आगरा में भी हैं। अब ग्रुप दुबई की स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी के साथ मिलकर करीब 2000 करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रहा है। इस साझेदारी के तहत उन्नाव में एक आधुनिक कृषि उत्पाद पैकेजिंग और निर्यात इकाई स्थापित की जाएगी। यह इकाई केवल मीट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मछली, चावल और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और जिले को एक मजबूत निर्यात हब के रूप में पहचान मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एचएमए ग्रुप का यह विस्तार उन्नाव में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देगा और सप्लाई चेन से जुड़े हजारों छोटे कारोबारियों और मजदूरों को रोजगार से जोड़ेगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी के अनुसार औद्योगिक और रक्षा औद्योगिक गलियारों के जरिए उन्नाव प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इसके लिए जिले में वन ट्रिलियन डॉलर सेल का गठन किया गया है, जिसमें अधिकारी, उद्यमी और निवेशकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सेल हर महीने बैठक कर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर काम करेगी। प्रशासन का अनुमान है कि आने वाले समय में दोनों गलियारों में करीब दो हजार छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होंगे। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि उन्नाव एक मजबूत औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। कुल मिलाकर, उन्नाव अब कृषि प्रधान जिले से आगे बढ़कर औद्योगिक विकास की नई कहानी लिखने की ओर बढ़ रहा है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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