आरोप : तीन बीघा पट्टे के बदले सरकारी जमीन खोजने का दावा, सीएम को भेजा पत्र
Sun, Jun 7, 2026
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर जांच कराने की अपील: अधिवक्ता
उन्नाव। गंगाघाट निवासी एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्राम मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली व कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र की कथित रूप से गायब हुई सरकारी भूमि को खोज निकालने का दावा किया है। पत्र में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों, अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि तहसील उन्नाव सदर के ग्राम मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली व कटरी पीपरखेड़ा की बेशकीमती सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे कराए गए हैं। आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट कर्मचारी, अधिकारी और भूमाफिया मिलकर सरकारी भूमि का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों के संरक्षण का भी आरोप लगाया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि गांव का मूल प्रमाणित नक्शा भी पूर्व में गायब करा दिया गया था और वर्तमान में कथित रूप से गलत नक्शों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पास ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से न केवल संबंधित गांव की सरकारी भूमि का वास्तविक विवरण सामने लाया जा सकता है, बल्कि प्रदेश भर में सरकारी जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों को भी रोका जा सकता है। दावा किया गया है कि ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से छह माह के भीतर सरकारी व कृषि भूमि का पूरा ब्यौरा सामने लाया जा सकता है। हालांकि पत्र में इस योजना के बदले प्रार्थी ने अपनी पसंद की तीन बीघा भूमि का पट्टा अपने नाम किए जाने की मांग भी की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे सरकार को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा, बल्कि भविष्य में राजस्व बढ़ेगा और न्यायालयों में होने वाले मुकदमों पर खर्च भी कम होगा। पत्र की प्रतिलिपि राजस्व परिषद के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है। मामले में फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आत्महत्या : कमरे में फंदे से लटका मिला युवक का शव, पुलिस जांच में जुटी
Sun, Jun 7, 2026
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के पूरन नगर मोहल्ले में रविवार सुबह एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आनन-फानन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरन नगर निवासी करन (24) पुत्र लल्ला प्लंबर का काम करता था। रविवार सुबह उसने घर के अंदर फांसी लगा ली। काफी देर तक कोई आहट न मिलने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजन और आसपास के लोगों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और उपचार के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के रिश्तेदार राजकुमार ने बताया कि उन्हें फोन पर घटना की सूचना मिली थी। परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले करन ने शराब का सेवन किया था। हालांकि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। परिवार के सदस्य भी आत्महत्या के कारणों को लेकर कुछ बता नहीं पा रहे हैं। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ जुटी रही। मोहल्ले के लोगों के अनुसार, करन मिलनसार स्वभाव का था और अपने कामकाज में व्यस्त रहता था। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान : दो साल पहले हुई थी शादी
Sun, Jun 7, 2026
मायके पक्ष को सूचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र के मुन्ना खेड़ा गांव में एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मुन्ना खेड़ा गांव निवासी श्रीपाल की पत्नी सोनम (24) का शव रविवार को घर के अंदर फंदे से लटका मिला। परिजनों ने उसे तत्काल नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। बताया गया कि सोनम का मायका मौरावां क्षेत्र की ग्राम सभा मतवई, हिलौली में है। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले श्रीपाल के साथ हुई थी। श्रीपाल खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। विवाहिता की मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग भी गांव पहुंच गए। सूचना पर पहुंची मौरावां पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, विवाहिता ने यह कदम किन कारणों से उठाया, इसका अभी पता नहीं चल सका है। शादी को दो वर्ष ही हुए हैं, इसलिए नियमानुसार सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।