ठगों ने उड़ाए 1.01 लाख : साइबर टीम ने वापस कराए
Sun, Sep 6, 2026
साइबर टीम की तेजी से तीन दिन में पीड़ित को वापस मिली पूरी रकम
उन्नाव। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगों के जाल में फंसे शहर के एक व्यक्ति को पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी राहत मिली। खाते से निकाली गई 1,00,557 रुपये की पूरी रकम साइबर टीम ने वापस करा दी। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई पर राहत जताई।मामला कोतवाली सदर क्षेत्र का है। पीड़ित संकल्प सिंह के पास क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के संबंध में संपर्क किया गया था। बातचीत के दौरान साइबर ठगों ने उसे अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद तीन सितंबर को उसके खाते से 1,00,557 रुपये की रकम निकल गई। खाते से बड़ी रकम जाने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही शुरू हुई पड़ताल
मामले की सूचना मिलने पर कोतवाली सदर की साइबर टीम ने देर किए बिना लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की। टीम ने संबंधित बैंकिंग ट्रांजेक्शन और रकम के मूवमेंट को ट्रेस करते हुए उसे रोकने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की सक्रियता के चलते ठगी की रकम को वापस कराने का रास्ता साफ हुआ।साइबर टीम की लगातार कार्रवाई के बाद छह सितंबर को 1,00,557 रुपये की पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई। रकम वापस आने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस का आभार जताया।
साइबर ठगी में समय पर शिकायत सबसे जरूरी
सदर कोतवाली निरिक्षक चंद्रकांत मिश्र का कहना है कि साइबर ठगी का शिकार होने के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, रकम को रोकने और वापस कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। क्रेडिट कार्ड, बैंक खाते, ओटीपी, केवाईसी या किसी ऑनलाइन सुविधा के नाम पर अनजान व्यक्ति से जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक चन्द्रकान्त मिश्र समेत साइबर टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि रकम को समय रहते सुरक्षित कराने की कार्रवाई की जा सके।
टोकरी में कन्हैया, सिर पर शेषनाग... : यमुना पार कर नंद के घर पहुंचे लड्डू गोपाल
Sun, Sep 6, 2026
किशोरी खेड़ा के राधा-कृष्ण मंदिर में शुरू हुआ लीला महोत्सव, श्रीकृष्ण जन्म के मंचन ने भावविभोर किए श्रद्धालु
उन्नाव। किशोरी खेड़ा स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में शनिवार को उस समय माहौल भक्तिमय हो गया, जब मंच पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनके गोकुल पहुंचने की लीला का जीवंत मंचन हुआ। कंस के अत्याचार, देवकी-वासुदेव की पीड़ा और आधी रात जन्मे कन्हैया को सुरक्षित गोकुल पहुंचाने का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जैसे ही नंद बाबा के घर कान्हा के पहुंचने का दृश्य आया, पूरा परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।महोत्सव की शुरुआत श्रीकृष्ण जन्म की लीला से हुई। मंचन के दौरान दिखाया गया कि मथुरा के कारागार में देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होता है। कंस को जब इस बात की जानकारी मिलती है तो वह नवजात कृष्ण को मारने की कोशिश करता है, लेकिन तभी आकाशवाणी उसके सामने भविष्यवाणी करती है कि उसका अंत देवकी के आठवें पुत्र के हाथों होना तय है। इसके बाद लीला का सबसे भावपूर्ण प्रसंग सामने आया। वासुदेव नवजात कृष्ण को टोकरी में लेकर मथुरा से गोकुल की ओर निकलते हैं। बाहर तेज बारिश हो रही है और यमुना उफान पर है। मंच पर बारिश और यमुना पार करने का दृश्य इस तरह प्रस्तुत किया गया कि दर्शक कुछ देर के लिए खुद को उसी दौर का हिस्सा महसूस करने लगे। भगवान कृष्ण की रक्षा के लिए शेषनाग के फन फैलाने का दृश्य भी खास आकर्षण रहा। यमुना पार कर वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को नंद बाबा के घर पहुंचाते हैं। इसके साथ ही नंद भवन में जन्मोत्सव का दृश्य शुरू होता है। बधाई गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु झूम उठे। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भगवान कृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
वृंदावन की शैली में हो रहा मंचन
लीला महोत्सव का आयोजन श्रीधाम वृंदावन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध श्रीहरिराम कौशिक कला अनुकरण मंडल और आदर्श हित रासलीला संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। प्रमुख स्वामी मुंशीलाल कौशिक महाराज के निर्देशन में कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं। व्यास स्वामी हरिराम कौशिक के संचालन में संवाद, भजन और कथा के जरिए प्रसंगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक महोत्सव में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इसका उद्देश्य धार्मिक कथा को केवल सुनाने के बजाय उसे मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है, ताकि बच्चे और युवा भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेश को आसानी से समझ सकें।
आरती में शामिल हुए आयोजक
लीला के प्रारंभ और विश्राम की आरती में आयोजक परिवार से सुशील कुमार गुप्ता, रामजी गुप्ता, भारती गुप्ता, पूर्णिमा गुप्ता, शुभांशु गुप्ता और शाम्भवी सिंह शामिल हुए। महोत्सव संयोजक आशीष पांडेय, समिति महामंत्री सूरज सिंह, मीडिया प्रमुख डॉ. मनीष सेंगर, मंत्री प्रशांत निगम व सचिन गुप्ता के साथ अनूप सिंह, हरिओम चाचा आदि ने भी आरती में हिस्सा लिया।आयोजकों ने जिले के लोगों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के दर्शन करने की अपील की। मंदिर परिसर में महोत्सव को लेकर तैयारियां भी की गई हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को लीला का आनंद लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
अंकित सिंह परिहार ने मदद का बढ़ाया हाथ : इलाज के लिए पैसों की कमी बनी थी अड़चन
Sun, Sep 6, 2026
गंभीर बीमारी से जूझ रहे दीपक के उपचार की कराई व्यवस्था, परिवार को मिली राहत
उन्नाव। बीमारी से जूझ रहे परिवार के लिए उस वक्त मुश्किल और बढ़ जाती है, जब इलाज का खर्च उठाना भी चुनौती बन जाए। कुछ ऐसा ही हाल भगवंतनगर क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर दरियाव निवासी दीपक कुमार पाल का था। गंभीर बीमारी के चलते उन्हें उपचार की जरूरत थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति रास्ते में बड़ी परेशानी बनी हुई थी। दीपक के इलाज की जरूरत और परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी जब सपा नेता अंकित सिंह परिहार को हुई तो उन्होंने मदद के लिए आगे आने में देर नहीं की। उन्होंने तत्काल उपचार के लिए जरूरी आर्थिक व्यवस्था कर अस्पताल में रकम जमा कराई, जिससे इलाज के दौरान पैसों की कमी आड़े न आए। अंकित की इस पहल से दीपक के परिजनों को भी काफी राहत मिली। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता इस बात की थी कि बीमारी के बीच इलाज का खर्च कैसे जुटाया जाए। आर्थिक मदद मिलने के बाद उनका ध्यान अब इलाज और दीपक की सेहत पर है।
मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना ही असली मदद
सपा नेता अंकित सिंह परिहार ने कहा कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए मुश्किल समय में छोटी सी मदद भी बड़ी राहत बन सकती है। उनका प्रयास है कि आर्थिक परेशानी की वजह से किसी जरूरतमंद के इलाज में रुकावट न आए। उन्होंने दीपक कुमार पाल के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए आगे आने की ऐसी पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है। बीमारी से परेशान परिवार के लिए समय पर मिली आर्थिक सहायता न केवल इलाज का रास्ता आसान करती है, बल्कि उन्हें मानसिक संबल भी देती है।