इलाज की राह होगी आसान : डॉक्टर की सलाह भी मुफ्त
Sun, Sep 6, 2026
सदर विधानसभा में लगेंगे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, विधायक ने प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी
उन्नाव। बीमारी के इलाज के लिए शहर तक दौड़ लगाने वाले लोगों के लिए राहत की पहल शुरू की गई है। सदर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच और परामर्श की सुविधा मिलेगी। शिविरों की जानकारी गांव-गांव और कस्बों तक पहुंचाने के लिए प्रचार वाहन को रविवार को सदर विधायक पंकज गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।विधायक ने बताया कि स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए कई बार ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी अस्पतालों या विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए वेदांता हेल्थकेयर क्लिनिक के सहयोग से विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की जा रही है। प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों को शिविर के स्थान, तारीख और उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिलेगा निशुल्क परामर्श
शिविरों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से निशुल्क परामर्श दिलाने की व्यवस्था रहेगी। विधायक ने कहा कि कोशिश है कि इलाज और डॉक्टर की सलाह के लिए किसी जरूरतमंद को आर्थिक परेशानी के कारण पीछे न हटना पड़े। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके आसपास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए समय पर बीमारी की पहचान और डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है। कई लोग बीमारी को सामान्य समझकर इलाज टालते रहते हैं। ऐसे लोगों को भी शिविरों के जरिए जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाने का दावा
पंकज गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का फायदा सिर्फ शहर में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों तक भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे, यही इस अभियान की प्राथमिकता है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे शिविरों में पहुंचकर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास का आधार वहां के लोगों का स्वस्थ रहना है। स्वस्थ नागरिक ही परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में बेहतर भूमिका निभा सकता है। इसी सोच के साथ स्वास्थ्य शिविरों को विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर वेदांता हॉस्पिटल कानपुर के आर्थो सर्जन डॉ. शिवांश त्रिवेदी, महिला विशेषज्ञ सर्जन डॉ. जया त्रिवेदी, उन्नाव वेदांता हेल्थकेयर क्लिनिक के प्रबंधक मयंक बाजपेई, प्राचीन्द्र मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
रक्तदान से जगे जिंदगी की उम्मीद : थैलेसीमिया बच्चों के लिए आगे आए रक्तदाता
Sun, Sep 6, 2026
पोल्का फाउंडेशन के शिविर में पहुंचे लोग, सदर विधायक ने भी बढ़ाया हौसला
उन्नाव। किसी के लिए रक्तदान कुछ मिनट का काम हो सकता है, लेकिन थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों के लिए यही कुछ मिनट जिंदगी की उम्मीद बन जाते हैं। इसी सोच के साथ गुरु सिंह सभा, बस अड्डे के पास उन्नाव में पोल्का फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का मकसद कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 231 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की जरूरत को पूरा करने में मदद करना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाता पहुंचे और जरूरतमंद बच्चों के लिए रक्तदान किया। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता भी पहुंचे। आयोजकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद विधायक ने फीता काटकर शिविर की शुरुआत की और रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।
रक्तदाताओं से मिले विधायक, पूछा हालचाल
शिविर में रक्तदान कर रहे लोगों के पास पहुंचकर विधायक पंकज गुप्ता ने उनसे बातचीत की। उन्होंने रक्तदाताओं से उनके स्वास्थ्य और रक्तदान के अनुभव के बारे में जानकारी ली। विधायक ने कहा कि बिना किसी पहचान और स्वार्थ के किसी अनजान जरूरतमंद के लिए रक्त देना समाजसेवा का सबसे सीधा और प्रभावी तरीका है। रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फ्रूटी भी भेंट की गई। इस दौरान आयोजकों ने रक्तदान करने पहुंचे लोगों के प्रति आभार जताया।
हर कुछ दिन में पड़ती है रक्त की जरूरत
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बीमारी के कारण नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में इनके परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता समय पर रक्त उपलब्ध कराने की रहती है। रक्तदान शिविर इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि स्वस्थ और सक्षम लोगों को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। इससे जरूरत के समय अस्पतालों और मरीजों के परिजनों को रक्त के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
‘आपका थोड़ा सा समय किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है’
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलत धारणाएं रहती हैं, जबकि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि समाज में जितने अधिक लोग स्वेच्छा से रक्तदान करेंगे, उतना ही जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सकेगी। उन्होंने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि इन बच्चों को लंबे समय तक रक्त की जरूरत रहती है। ऐसे में रक्तदाता केवल एक यूनिट रक्त नहीं देते, बल्कि किसी परिवार को राहत और एक बच्चे को जिंदगी से जुड़ी उम्मीद देते हैं।
सेवा के कामों में भागीदारी की अपील
विधायक ने पोल्का फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे आयोजनों की जरूरत लगातार बनी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार रक्तदान, जरूरतमंदों की मदद और अन्य सामाजिक कार्यों में भागीदारी करें। कार्यक्रम के आयोजकों ने भी रक्तदाताओं का आभार जताया। शिविर के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि रक्त किसी फैक्टरी में तैयार नहीं होता। किसी स्वस्थ व्यक्ति का दिया हुआ रक्त ही किसी जरूरतमंद के लिए जीवन बचाने का जरिया बनता है।
पुराने जन्म प्रमाणपत्रों पर आधार का अड़ंगा : मोहम्मद अहमद ने राष्ट्रपति को पत्र भेज, समाधान की मांग उठाई
Sun, Sep 6, 2026
सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराने के निर्देश देने का किया अनुरोध
उन्नाव। पुराने जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनवाने में आ रही दिक्कत को लेकर अल-मुस्तईद तहफ्फुज-ए-कब्रिस्तान व लावारिस लाश कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। उन्होंने 10 से 15 वर्ष पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को आधार कार्ड बनवाने के लिए मान्य किए जाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराने की व्यवस्था कराने की मांग की है। मोहम्मद अहमद ने पत्र में बताया कि नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत आदि निकायों की ओर से वर्षों पहले जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्र उस समय ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से बनाए गए थे। इनमें कई प्रमाणपत्र हस्तलिखित भी हैं। अब इन प्रमाणपत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग आधार केंद्रों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आधार केंद्रों पर पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि पहले इन प्रमाणपत्रों को सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराया जाए और इसके बाद कलर कॉपी प्रस्तुत की जाए। इससे आम लोगों को अपने ही दस्तावेजों को लेकर नगर निकायों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दफ्तरों के चक्कर से मिले राहत
मोहम्मद अहमद ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को आधार कार्ड बनवाने के लिए मान्य किए जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही आधार केंद्रों को भी निर्देशित किया जाए कि पुराने प्रमाणपत्रों के आधार पर लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने मांग की है कि यदि पुराने प्रमाणपत्रों को सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराना जरूरी है तो इसके लिए संबंधित विभागों में सरल प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। पत्र में उन्होंने कहा है कि इस समस्या के समाधान से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।