पारिवारिक विवाद : बीच-बचाव करने पहुंचे पति को भी पीटा
Thu, Sep 24, 2026
दाल लाने की बात से शुरू हुआ विवाद, महिला ने बहू समेत कई लोगों पर लगाया आरोप
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र के सिलौटन खेड़ा मजरा इछौली गांव में घर के दरवाजे पर बैठी महिला का परिवार के लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि नातिन को दुकान से दाल लाने के लिए कहने पर परिवार की बहू ने गाली-गलौज शुरू कर दी। महिला ने विरोध किया तो मामला बढ़ गया और उसके साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर बचाने पहुंचे पति को भी आरोपियों ने पीट दिया। दोनों के घायल होने की बात कही गई है। गांव निवासी कमलेशा पत्नी कल्लू प्रसाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 22 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे वह अपने दरवाजे पर बैठी थीं। इसी दौरान उन्होंने अपनी नातिन प्राची से दुकान से दाल लाने के लिए कहा। कमलेशा के मुताबिक, उनकी यह बात परिवार में रहने वाली बहू शन्नो पत्नी हरिश्चंद्र को नागवार लगी और वह गाली-गलौज करने लगी। विरोध करने पर शन्नो समेत अन्य लोगों ने उनके साथ लात-घूंसों और डंडों से मारपीट कर दी। महिला के शोर मचाने पर उसके पति कल्लू प्रसाद मौके पर पहुंचे। आरोप है कि बीच-बचाव करने पर हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। मारपीट में कमलेशा के बाएं हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि कल्लू के सिर में चोट लगने की बात तहरीर में कही गई है। महिला का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी दंपती को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। घटना के बाद कमलेशा ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। दही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रास्ते में पिलर खड़ा करने पर भिड़े : महिला को पीटा
Thu, Sep 24, 2026
विरोध करने पर लाठी-डंडों से मारने का आरोप, तीन के खिलाफ केस
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र के कुईथर गांव में रास्ते में पिलर खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। महिला ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुईथर गांव निवासी तारादेवी पत्नी बसंत लाल के मुताबिक, उसके मकान के सामने सहन की जमीन पर आने-जाने का रास्ता है। आरोप है कि उसके देवर संदीप और श्यामलाल ने संदीप के साले रोहित के साथ मिलकर रास्ते में पिलर खड़े कर दिए। इससे आवागमन को लेकर परेशानी होने लगी। महिला ने पिलर लगाए जाने का विरोध किया तो मामला कहासुनी से बढ़ गया। तारादेवी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि विरोध करने पर तीनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उसके मकान का बना लिंटर तोड़ दिया गया। घटना 21 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे की बताई गई है। पुलिस ने तारा देवी की तहरीर के आधार पर संदीप, श्यामलाल और रोहित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शब्दों से समाज को दी नई दिशा : प्रताप नारायण मिश्र की लेखनी को किया याद
Thu, Sep 24, 2026
जयंती समारोह में बोले विधायक, नई पीढ़ी साहित्य और राष्ट्रभावना से ले प्रेरणा
उन्नाव। हिंदी साहित्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पं. प्रताप नारायण मिश्र की 171वीं जयंती पर बेथर के बैजेगांव में उन्हें याद किया गया। गांव में आयोजित जयंती समारोह और श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने उनके साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता भी शामिल हुए। विधायक ने पं. प्रताप नारायण मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आयोजकों ने माला और पटका पहनाकर विधायक का स्वागत किया। उन्हें प्रतीक चिन्ह और पुस्तक भी भेंट की गई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पं. प्रताप नारायण मिश्र के जीवन और उनकी रचनाओं पर चर्चा की। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि पं. प्रताप नारायण मिश्र ने अपनी लेखनी को केवल साहित्य तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज को जागरूक करने और लोगों में राष्ट्रभावना जगाने का काम भी किया। उनके विचार और रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ऐसे साहित्यकारों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। समारोह में नि. अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक उन्नाव हरिसहाय मिश्र (मदन), श्याम मिश्र, अंकित मिश्र, मोहित मिश्र, राकेश वाजपेई, राजन सिंह, योगेश वाजपेई, बैजनाथ सिंह, जुगुल मिश्र, स्वप्निल मिश्रा और प्रियम वाजपेई समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में पं. प्रताप नारायण मिश्र के साहित्य और उनके सामाजिक सरोकारों को आगे की पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।