दर्दनाक सड़क हादसा : अंतिम संस्कार से लौट रहे दंपती की बाइक भिड़ी, तीन की मौत
Mon, Apr 27, 2026
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की वजह, जांच में जुटी पुलिस
उन्नाव। जिले के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुआ सड़क हादसा सोमवार तक तीन परिवारों के लिए गहरा दुख बन गया। लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई, जबकि एक महिला की हालत अब भी बेहद गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के पीखी गांव निवासी 47 वर्षीय रहीसुद्दीन अपनी पत्नी सादिया (45) के साथ एक अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। रहीसुद्दीन बांगरमऊ क्षेत्र के रूरी रसूलपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के पद पर तैनात थे। रविवार शाम वह पत्नी के साथ बाइक से वापस ड्यूटी के लिए निकल रहे थे। इसी दौरान फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में शारदा नहर के पास चौधरी खेड़ा पुल के आगे सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। दूसरी बाइक पर हरदोई जिले के बालामऊ निवासी 30 वर्षीय शिवमोहन द्विवेदी अपने साथी शोभित (28) के साथ सवार थे। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शोभित के ननिहाल जा रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों लोग सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में लेकर गए। रहीसुद्दीन और उनकी पत्नी सादिया को मियागंज सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं शिवमोहन और शोभित को पहले सफीपुर सीएचसी और फिर जिला अस्पताल उन्नाव भेजा गया। सोमवार को इलाज के दौरान रहीसुद्दीन ने लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। उधर, जिला अस्पताल उन्नाव में शिवमोहन द्विवेदी और शोभित की भी मौत हो गई। हादसे में घायल सादिया की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। इस हादसे के बाद तीन परिवारों में मातम पसरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना अक्सर हादसों की वजह बनता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
चोरी का खुलासा : जिस घर में किराए पर रही, वहीं से कर गई बड़ी चोरी
Sun, Apr 26, 2026
महिला समेत दो गिरफ्तार, 20 लाख के आभूषण और नकदी बरामद
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घर में चोरी हुई, उसी घर में रह चुकी किराएदार महिला ने भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से बड़ी मात्रा में जेवरात और नकदी बरामद की है। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि 23 अप्रैल को शहर के एबी नगर निवासी मनीष शुक्ला उर्फ सौरभ ने घर से जेवर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान शक की सुई पुराने किराएदारों पर गई। टीम बनाकर की गई पड़ताल में पुलिस को अहम सुराग मिले। प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र के नेतृत्व में सदर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हुसैन नगर नहर पटरी के पास से इंदू पांडेय और कुलदीप सोनी को दबोच लिया। तलाशी में करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर, 1.75 लाख रुपये नकद और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, तराजू से जेवरों का वजन कर उनकी बिक्री की तैयारी थी। पूछताछ में इंदू पांडेय ने बताया कि वह तीन साल पहले पीड़ित के घर में किराए पर रहती थी। उसी दौरान उसने घरवालों का विश्वास जीता और चाबी का इस्तेमाल कर स्टोर रूम से जेवर पार कर दिए। आरोपी महिला ने यह भी कबूला कि कुछ जेवर पहले ही लखनऊ में एक सर्राफा कारोबारी को बेच चुकी है और उस रकम से प्लॉट खरीदा। बाकी जेवर बेचने के लिए उसने कुलदीप सोनी से संपर्क किया था। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर संबंधित धाराएं बढ़ा दी हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
बिजली संकट पर विधायक का अल्टीमेटम : 7 दिन में सुधार नहीं तो होगा कड़ा फैसला
Sun, Apr 26, 2026
पंकज गुप्ता बोलें—एसी दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें अफसर, शिकायतों पर भी जताई नाराजगी
उन्नाव। भीषण गर्मी के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर उन्नाव सदर विधायक पंकज गुप्ता ने बिजली विभाग पर खुलकर नाराजगी जताई है। लगातार कटौती, लो-वोल्टेज और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही से परेशान लोगों की स्थिति को देखते हुए विधायक ने विभाग को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर तय समय में हालात नहीं सुधरे, तो वे कड़ा निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेंगे। विधायक पंकज गुप्ता ने रविवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए मौजूदा हालात की गंभीरता पर जोर दिया। जनता की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि जिले में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। ऐसे में बच्चे बिलबिला रहे हैं, बुजुर्ग बेहाल हैं और मरीजों की हालत और ज्यादा नाजुक हो रही है। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने व्यवस्था की खामियों को गिनाते हुए कहा कि कई इलाकों में जर्जर तार और ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर बड़ी समस्या बने हुए हैं। करीब 20 साल पुराने तार मामूली आंधी में टूट जाते हैं, जिससे घंटों आपूर्ति बाधित रहती है। इसके अलावा विभाग में जवाबदेही का अभाव भी सामने आ रहा है। शिकायत करने पर 1912 हेल्पलाइन तक फोन नहीं उठता, एसडीओ कॉल रिसीव नहीं करते और जेई सप्लाई ऊपर से न आने का हवाला देकर जिम्मेदारी टाल देते हैं। विधायक पंकज गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अब यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधीक्षण अभियंता से लेकर जूनियर इंजीनियर तक सभी अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि वे जनता के सेवक हैं और उनका वेतन जनता के टैक्स से आता है। ऐसे में एसी दफ्तरों में बैठकर रोस्टर बनाने के बजाय उन्हें फील्ड में उतरकर काम की निगरानी करनी चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि आने वाले सात दिनों में बिजली व्यवस्था में ठोस सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि यदि हालात जस के तस रहे, तो वे खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और आगे की कार्रवाई तय करेंगे। इस बीच उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे बिजली की बचत करें, लेकिन अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। यदि गलत बिल आए या बार-बार कटौती की समस्या हो, तो लोग लिखित शिकायत दर्ज करें, फोटो और वीडियो सबूत के साथ उन्हें भेजें, ताकि संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जा सके।गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहराया हुआ है। दिन और रात दोनों समय हो रही कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। छोटे कारोबारियों से लेकर घरेलू उपभोक्ता तक सभी इस समस्या से जूझ रहे हैं। विधायक के इस सख्त रुख और अल्टीमेटम के बाद जिले में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग उनके इस कदम को जनता के पक्ष में उठाया गया मजबूत संदेश मान रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि बिजली विभाग तय समय सीमा में हालात सुधार पाता है या नहीं।