गलियों में बदली सूरत : जल निकासी भी होगी बेहतर
Fri, Sep 18, 2026
चार वार्डों में सड़क और नाली निर्माण पूरा, लोकार्पण के बाद लोगों को मिली सुविधा
उन्नाव। शहर की गलियों में सड़क और जल निकासी की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में चार स्थानों पर काम पूरा हो गया है। वार्ड 23 एबी नगर उत्तरी, वार्ड 3 आदर्श नगर और वार्ड 7 इंदिरानगर में नाली व सड़क निर्माण कार्य पूरे होने के बाद उनका लोकार्पण किया गया। आदर्श नगर में एक अन्य स्थान पर भी नाली और इंटरलॉकिंग सड़क का काम पूरा कराया गया है।
एबी नगर उत्तरी में सीसी सड़क
वार्ड 23 एबी नगर उत्तरी में श्रीराम शंकर के मकान संख्या 130/8 से जगदीश यादव के मकान संख्या 130/10 तक नाली और सीसी सड़क बनाई गई है। इससे गली में आवागमन के साथ पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
आदर्श नगर में दो जगह काम
वार्ड 3 में सुधना बाबा मंदिर से नितिन रौनी के घर तक नाली और सीसी सड़क का निर्माण कराया गया। वहीं रामकुमार पांडेय के मकान संख्या 974 से रामकुमार मिश्रा के मकान संख्या 964 तक नाली के साथ इंटरलॉकिंग सड़क बनाई गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन कार्यों से रास्ते को लेकर होने वाली परेशानी कम होगी।
इंदिरानगर की दो गलियां भी संवरीं
वार्ड 7 इंदिरानगर में दुर्गेश तिवारी के मकान से संतोष अवस्थी के मकान होते हुए अशोक साहू के घर तक और देवेंद्र प्रताप सिंह के घर से गणेश शंकर तिवारी के घर तक नाली व इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया है।
अध्यक्ष बोलीं, नगरहित को प्राथमिकता, विकास कार्य रहेंगे जारी
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानु मिश्रा ने कहा कि शहर के वार्डों में सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने का काम प्राथमिकता से कराया जा रहा है। इन कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुगम आवागमन के साथ जल निकासी और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है। वार्डों में स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों को आगे भी गति दी जाएगी। नगर को साफ-सुथरा और बेहतर सुविधाओं वाला बनाने के लिए विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे।
लोकार्पण में ये रहे मौजूद
एबी नगर उत्तरी में सभासद प्रतिनिधि मनीष शुक्ला, मोती यादव, रवि शंकर, राकेश यादव, मुलायम सिंह, ममता और मोनिका समेत क्षेत्रवासी मौजूद रहे। वार्ड 3 में सभासद राकेश कुमार साहू, सभासद शिव वीरेंद्र कुशवाहा, सुनील मिश्रा, अवधेश अवस्थी, राजेश त्रिवेदी, संतोष तिवारी, जीतू त्रिपाठी, सूरज जायसवाल, सुनील जायसवाल, अनिल कुमार त्रिवेदी, सौरभ साहू, अमन मिश्रा, मनीष मिश्रा, अजय यादव और दिनेश यादव समेत अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
हरियाली की जगह विज्ञापन पोल : डिवाइडर खोदकर खड़े किए होर्डिंग पोल
Fri, Sep 18, 2026
31 तीन तरफा होर्डिंग और 13 यूनीपोल से पटी जिला अस्पताल रोड, हादसे का भी खतरा
उन्नाव। शहर में विज्ञापन कारोबार का खेल अब सड़क के बीच बने डिवाइडर तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल रोड पर डिवाइडर में लगे पौधों के बीच होर्डिंग के लिए लोहे के पोल खड़े कर दिए गए हैं। कहीं पौधों की जगह पोल नजर आ रहे हैं तो कहीं डिवाइडर खोदकर नए ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। करीब 31 तीन तरफा होर्डिंग पोल और 13 यूनीपोल लगाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कई जगह इन पोल को रात के अंधेरे में लगाया गया। जिस डिवाइडर को हरियाली और सड़क की खूबसूरती के लिए तैयार किया गया था, अब वही विज्ञापन कारोबारियों के लिए कमाई का जरिया बनता दिखाई दे रहा है।आईबीपी चौराहा पर भी इसी तरह विज्ञापन स्ट्रक्चर नजर आ रहे हैं। पोल लगाने के लिए डिवाइडर में गड्ढे किए जा रहे हैं। इससे पौधों को नुकसान पहुंचने के साथ डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। सड़क के बीच इतनी संख्या में होर्डिंग स्ट्रक्चर खड़े होने से यातायात सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो गया है।
60 लाख के काम पर होर्डिंग का कब्जा
जिला अस्पताल से गदनखेड़ा चौराहे तक फुटपाथ और डिवाइडर का निर्माण आवास विकास परिषद ने करीब 60 लाख रुपये की लागत से कराया था। करीब 54 लाख रुपये से स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई थीं। डिवाइडर के बीच पौधे लगाए गए थे। मकसद था कि सड़क व्यवस्थित और सुंदर नजर आए। लेकिन अब इसी जगह पर एक के बाद एक विज्ञापन पोल खड़े किए जा रहे हैं।
पौधे हटे, गड्ढे हुए और पोल खड़े हो गए
होर्डिंग लगाने के लिए डिवाइडर में जगह-जगह खुदाई की गई है। कई स्थानों पर पौधों के आसपास लोहे के पोल दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि निजी विज्ञापन लगाने के लिए सार्वजनिक निर्माण वाले डिवाइडर में खुदाई करने की अनुमति किसने दी? अगर अनुमति ली गई है तो उसकी शर्तें क्या हैं और कितने पोल लगाने की मंजूरी है?
टैक्स जमा हो रहा या सिर्फ विज्ञापन लग रहे?
सूत्रों के अनुसार कुछ होर्डिंग कारोबारी निर्धारित टैक्स या शुल्क जमा किए बिना विज्ञापन पोल लगाए जाने की बात कही जा रही है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में जिला अस्पताल रोड पर लगे सभी होर्डिंग और यूनीपोल का रिकॉर्ड खंगालना जरूरी है। किस कारोबारी ने कितने पोल लगाए, किस स्थान की अनुमति मिली, कितना शुल्क जमा हुआ और मौके पर अनुमति के मुताबिक ही स्ट्रक्चर लगाए गए या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच से तस्वीर साफ होगी।
आंधी आई तो भारी पोल बन सकते हैं खतरा
डिवाइडर के बीच खड़े किए गए भारी-भरकम होर्डिंग और यूनीपोल सिर्फ हरियाली ही नहीं, सड़क सुरक्षा से भी जुड़े हैं। तेज हवा या आंधी में कमजोर आधार वाले पोल उखड़कर सड़क पर गिरे तो वाहन सवार और राहगीर इसकी चपेट में आ सकते हैं। बड़े होर्डिंग से सड़क की दृश्यता प्रभावित होने या वाहन चालकों का ध्यान भटकने की स्थिति में भी दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए लगाए गए प्रत्येक स्ट्रक्चर की मजबूती और उसकी नींव की जांच भी जरूरी है।
रात में काम, सुबह दिखता नया पोल
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर होर्डिंग पोल लगाने का काम रात के समय किया जा रहा है। दिन में सड़क से गुजरने वालों को डिवाइडर पर पहले से अधिक पोल नजर आते हैं। अगर यह बात सही है तो सवाल यह भी है कि रात में डिवाइडर की खुदाई और पोल लगाने का काम किसकी अनुमति से किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में स्ट्रक्चर लगने के बावजूद उनके दस्तावेज और अनुमति की स्थिति भी सामने आनी चाहिए।
सरकारी डिवाइडर, निजी विज्ञापन का ठिकाना
करीब 60 लाख रुपये से तैयार डिवाइडर और 54 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइटों पर सार्वजनिक धन खर्च हुआ है। इसके बीच लगाए गए पौधे भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। ऐसे में निजी विज्ञापन कारोबार के लिए डिवाइडर में खुदाई और स्थायी पोल खड़े करने को लेकर नियमों की स्थिति साफ होना जरूरी है। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने के लिए स्थानीय निकाय की अनुमति और निर्धारित शुल्क की व्यवस्था है। जिला अस्पताल रोड पर लगे स्ट्रक्चर इसी प्रक्रिया के तहत लगे हैं या नहीं, जांच में यह स्पष्ट होना है।
पालिका अध्यक्ष बोलीं, जांच कराएंगे
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में पोल लगाने वालों की अनुमति, टैक्स और डिवाइडर में की गई खुदाई समेत अन्य बिंदुओं की स्थिति स्पष्ट होगी।
डिजिटल पेमेंट के शुल्क पर सड़क पर कांग्रेस : हस्ताक्षर अभियान चलाकर जताया विरोध
Thu, Sep 17, 2026
छोटे चौराहे से बड़े चौराहे तक हस्ताक्षर कराकर जताया विरोध, सात दिन में फैसला वापस लेने की चेतावनी
उन्नाव। यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को शहर में अभियान चलाकर लोगों से समर्थन जुटाया। शहर कांग्रेस और कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने छोटे चौराहे से बड़े चौराहे तक लोगों से संपर्क किया और हस्ताक्षर कराकर प्रस्तावित व्यवस्था के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज रोजमर्रा के कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में भुगतान से जुड़ा कोई भी अतिरिक्त खर्च सीधे छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर असर डाल सकता है। कार्यकर्ताओं ने लोगों को अभियान के उद्देश्य की जानकारी देकर हस्ताक्षर कराए।कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार में पहले से ही व्यापारियों को कई तरह के खर्च उठाने पड़ रहे हैं। बिजली, दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन और सामान की बढ़ती लागत के बीच भुगतान व्यवस्था का अतिरिक्त खर्च उनके लिए परेशानी बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ यह भी जरूरी है कि इसका आर्थिक बोझ छोटे कारोबारियों पर न आए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आगे भी व्यापारियों और आम लोगों के बीच जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और पुतला दहन किया जाएगा। शहर अध्यक्ष फैज फारूकी ने एमडीआर व्यवस्था की समीक्षा कर छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देने की मांग की। अभियान में नसीम खान, इम्तियाज, शाश्वत बाजपेई, सरफराज गांधी, शकील खान, ओम पांडे, मीसम रजा, आशीष त्रिपाठी, ज्योति आर्या और अरविंद सोनी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।