पावरलिफ्टिंग में दिखेगा दम : 250 से ज्यादा खिलाड़ी उतरेंगे
Wed, Sep 16, 2026
19 और 20 सितंबर को जिला स्तरीय चैंपियनशिप, 18 को खिलाड़ियों का वजन
उन्नाव। जिले में पहली बार पावरलिफ्टिंग और डेडलिफ्ट की जिला स्तरीय प्रतियोगिता होने जा रही है। इसमें जिले के अलग-अलग हिस्सों से 250 से ज्यादा खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है। दो दिन तक चलने वाली चैंपियनशिप में खिलाड़ी अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करेंगे। खास बात यह है कि प्रतियोगिता में महिला खिलाड़ियों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है। नवगठित उन्नाव पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को बैठक कर आयोजन की रूपरेखा साझा की। सचिव राहुल तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की बॉडी वेट प्रक्रिया 18 सितंबर को दोपहर तीन से शाम सात बजे तक होगी। प्रतियोगिता का शुभारंभ 19 सितंबर को सुबह 10 बजे प्रकाश गेस्ट हाउस में किया जाएगा। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को अलग-अलग मुकाबले होंगे। आयोजन के जरिए जिले के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। एसोसिएशन का कहना है कि आगे चलकर यहां के खिलाड़ियों को बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
महिला खिलाड़ियों का भी बढ़ रहा रुझान
एसोसिएशन की कार्यकारी अध्यक्ष सौरभ द्विवेदी, उपाध्यक्ष अनित दमन दीक्षित व स्वामी दयाल सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रतीक त्रिपाठी, सुनैना सिंह और रागिनी अवस्थी ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए महिला खिलाड़ियों के पंजीकरण में भी अच्छा उत्साह है। इससे जिले में इस खेल के प्रति बढ़ती रुचि का अंदाजा लगाया जा रहा है। एसोसिएशन के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी डॉ. मनीष सिंह सेंगर ने कहा कि जिले में पहली बार इस स्तर पर आयोजन होने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलेगा। वहीं प्रेसीडेंट शिवम सिंह और अध्यक्ष राम जनम सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है। जिला क्रीड़ा सचिव नवीन सिन्हा ने कहा कि जिले में इस तरह की चैंपियनशिप से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। आयोजन का प्रबंधन कर रही संस्था इंडियन इवेंट सोल्यूशन्स के सदस्यों ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह, सदर विधायक पंकज गुप्ता और नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानु मिश्रा ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजन में मौजूद रहने का आश्वासन दिया है। बैठक के दौरान प्रतियोगिता का पोस्टर भी जारी किया गया। पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक खिलाड़ियों से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अपील की।
बारिश ने बिगाड़ी सड़कों की हालत : विधायक ने मांगा हर मार्ग का हिसाब
Wed, Sep 16, 2026
पीडब्ल्यूडी अफसरों के साथ बैठक में गांव-गांव की समस्याओं पर हुई चर्चा, जल्द मरम्मत के निर्देश
उन्नाव। लगातार हुई बारिश के बाद सदर विधानसभा क्षेत्र में कई सड़कों की हालत खराब हो गई है। कहीं सड़क की सतह उखड़ गई है तो कहीं जलभराव और कटान के चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सदर विधायक पंकज गुप्ता ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षतिग्रस्त मार्गों की स्थिति जानी। बैठक में विधायक ने क्षेत्र से आए पार्टी पदाधिकारियों और ग्राम प्रधानों से उनके गांवों में खराब हुई सड़कों की जानकारी ली। एक-एक मार्ग का नाम सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से उसकी मौजूदा स्थिति और मरम्मत को लेकर जानकारी मांगी गई। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जिन रास्तों पर बारिश से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें प्राथमिकता में लेकर काम शुरू कराया जाए। विधायक ने कहा कि बारिश के बाद सड़कें खराब होने से सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को होती है। इसलिए केवल कागजी कार्रवाई तक मामला सीमित न रहे। जिन सड़कों पर तत्काल काम की जरूरत है, वहां जरूरी मरम्मत कराकर रास्ते को आवागमन के लायक बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त मार्गों की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई तेज की जाए। साथ ही ऐसे रास्तों को चिह्नित किया जाए, जहां ज्यादा नुकसान हुआ है और आगे चलकर बड़े स्तर पर मरम्मत या पुनर्निर्माण की जरूरत है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार के अलावा सहायक अभियंता और अवर अभियंता मौजूद रहे। मंडल अध्यक्ष सर्वेश लोधी, सुशील रावत, सुरेश शुक्ला, अवनीश गुप्ता, प्रदीप सिंह, पवन सिंह, अमित त्रिपाठी, सुशील तिवारी और दिनेश तिवारी समेत ग्राम प्रधान व पार्टी पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। विधायक ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि बारिश से खराब हुए रास्तों को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए जरूरत के हिसाब से तत्काल सुधार कार्य कराने के साथ क्षतिग्रस्त मार्गों के स्थायी समाधान की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जाए।
सात महीने से इलाज को तरसा ऑपरेटर : मालिक-मैनेजर पर इलाज का खर्च रोकने का आरोप
Tue, Sep 15, 2026
खर्च बंद हुआ तो घर पर कराने लगा उपचार, धमकी देने का भी आरोप; अचलगंज थाने में रिपोर्ट
उन्नाव। बंथर की एक टेनरी में मशीन की चपेट में आने से दाहिना हाथ बुरी तरह घायल होने के बाद एक ऑपरेटर की मुश्किलें खत्म होने के बजाय बढ़ती चली गईं। हादसे के बाद कंपनी ने इलाज और बैठकी का खर्च उठाने की बात कही, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि कुछ समय बाद मदद बंद कर दी गई। इलाज अधूरा रहने के बाद उसे घर लौटना पड़ा। सात महीने से वह अपने स्तर से उपचार करा रहा है। खर्च मांगने पर कंपनी के मालिक और मैनेजर पर उसे व परिवार को धमकाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत के बाद अचलगंज पुलिस ने अब दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
काम करते समय मशीन में फंसा हाथ
सदर कोतवाली क्षेत्र के हिमांचल खेड़ा निवासी श्रीकांत बंथर स्थित ऑक्सफोर्ड टेनरी उर्फ जैबुन्को इंडस्ट्रीज में मशीन ऑपरेटर था। उसकी ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक 16 फरवरी की रात करीब नौ बजे वह कंपनी में काम कर रहा था। इसी दौरान उसका दाहिना हाथ मशीन में फंस गया। हाथ मशीन में बुरी तरह दबने से गंभीर चोट आई और वह काम करने की स्थिति में नहीं रहा। हादसे के बाद कंपनी के मैनेजर अजहर और मालिक कलीमुल्लाह मलिक को घटना की जानकारी हुई। श्रीकांत का कहना है कि दोनों ने इलाज की जिम्मेदारी लेने और बैठकी का खर्च देने की बात कही थी। इसके बाद कंपनी के लोग उसे कानपुर के नासिर अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर वहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया।
रीजेंसी में चला लंबे समय तक इलाज
नासिर अस्पताल से जवाब मिलने के बाद परिवार के लोग श्रीकांत को रीजेंसी अस्पताल ले गए। यहां उसका काफी समय तक इलाज चला। पीड़ित के मुताबिक शुरुआत में कंपनी की तरफ से उपचार का खर्च दिया गया, जिससे परिवार को उम्मीद थी कि इलाज पूरा हो जाएगा। बाद में कंपनी की ओर से पैसा मिलना बंद हो गया। आर्थिक परेशानी के चलते श्रीकांत को अस्पताल से छुट्टी लेकर घर आना पड़ा। इसके बाद से वह अपने स्तर पर आसपास इलाज करा रहा है। उसका कहना है कि हादसे के करीब सात महीने बाद भी हाथ पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। इलाज के साथ रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी बनी हुई है।
मदद मांगी तो कथित तौर पर मिली धमकी
श्रीकांत ने आरोप लगाया कि उसने इलाज का खर्च जारी रखने के लिए कंपनी के मालिक और मैनेजर से कई बार बात की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आरोप है कि पैसा मांगने पर उसे और परिवार के लोगों को धमकाया गया। पीड़ित के मुताबिक कंपनी की ओर से यह तक कहा गया कि जो करना है कर लो, एक भी पैसा नहीं दिया जाएगा। पीड़ित का कहना है कि उसने पहले भी कंपनी के अलावा थाने और अधिकारियों के यहां प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने के बाद वह दोबारा थाने पहुंचा और 14 सितंबर को तहरीर दी।
अब पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
श्रीकांत की तहरीर के आधार पर अचलगंज पुलिस ने टेनरी के मालिक कलीमुल्लाह मलिक और मैनेजर अजहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में हादसे की परिस्थितियों, इलाज के खर्च और पीड़ित की ओर से लगाए गए धमकी के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।