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फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर जिला पंचायत पहुंचा दिव्यांग : खुला नौकरी के नाम पर ठगी का मामला

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Mon, Sep 14, 2026
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90 हजार ऑनलाइन देने के बाद मांगे चार लाख, रकम लौटाने को कहा तो जान से मारने की धमकी देने का आरोप

उन्नाव। नौकरी की उम्मीद में पत्नी के जेवर गिरवी रखकर 90 हजार रुपये देने वाले दिव्यांग युवक को कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। उसे जिला पंचायत कार्यालय में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर नौकरी मिलने की बात बताई गई। युवक जब नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पहुंचा तो दस्तावेज फर्जी होने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। मामले में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। लखीमपुर खीरी के ईसानगर थाना क्षेत्र के ढकनिया गांव निवासी सुनील कुमार ने शिकायत में बताया कि उसकी पहचान लखीमपुर खीरी के सेठघाट रोड निवासी आकाश गुप्ता से थी। आरोप है कि आकाश ने अपनी कंपनी आकांक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स के जरिए सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने की बात कही थी। नौकरी की उम्मीद में सुनील ने सितंबर 2023 में अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कंपनी के खाते में कुल 90 हजार रुपये भेजे। शिकायत के मुताबिक, रुपये लेने के बाद आकाश नौकरी लगने का भरोसा देता रहा। इसी दौरान कथित तौर पर नौकरी लगने के बाद चार लाख रुपये और देने की बात कही गई। करीब तीन साल तक इंतजार करने के बाद एक जुलाई 2026 को सुनील को उन्नाव बुलाया गया। आरोप है कि उसे बताया गया कि जिला पंचायत कार्यालय में दिव्यांग कोटे से नौकरी लगवा दी गई है और 15 जुलाई को चार लाख रुपये लेकर उन्नाव पहुंचना होगा।

चार लाख लेकर उन्नाव बुलाने का आरोप

सुनील का आरोप है कि 15 जुलाई को वह चार लाख रुपये नकद लेकर उन्नाव पहुंचा और रकम आकाश गुप्ता को दी। इसके बाद उसे एक नियुक्ति पत्र दिया गया, जिसमें असिस्टेंट मैनेजर पद का उल्लेख था। अगले दिन जब वह नियुक्ति पत्र लेकर जिला पंचायत कार्यालय में ज्वाइन करने पहुंचा तो वहां दस्तावेज के फर्जी होने की जानकारी मिली। नौकरी नहीं मिलने की बात सामने आने के बाद सुनील ने आकाश से संपर्क कर अपनी रकम वापस मांगी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस पर उसे धमकी दी गई। सुनील ने आकाश के सहयोगी आमीन वर्मा निवासी सेठघाट रोड लखीमपुर खीरी के भी इस पूरे मामले में शामिल होने का आरोप लगाया है।

थाने से एसपी तक पहुंची शिकायत

सुनील के मुताबिक, उसने मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 20 जुलाई को एसपी कार्यालय में हाथों-हाथ प्रार्थनापत्र दिया और 21 जुलाई को रजिस्टर्ड डाक से भी शिकायत भेजी। सुनवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस अब ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड, नियुक्ति पत्र, चार लाख रुपये के लेनदेन और जिला पंचायत कार्यालय में ज्वाइनिंग से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी। शिकायत में आकाश के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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