इलाज होगा कैशलेस : पढ़ाने वालों की सेहत का भी सरकार रखेगी हिसाब
Sun, Jul 26, 2026
डीएसएन कॉलेज में बांटे गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड, योजना से परिवार को भी मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ
उन्नाव। उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए रविवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। डीएसएन पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। कार्ड मिलने के बाद अब योजना के दायरे में आने वाले लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए तत्काल अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लाभार्थियों को योजना की पूरी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज की सुविधा के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा और बीमा कवर का लाभ भी मिलेगा। योजना में परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
शिक्षकों का स्वस्थ रहना भी जरूरी : पंकज गुप्ता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि देश की आने वाली पीढ़ी तैयार करते हैं। ऐसे में उनका स्वस्थ और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधायक ने कहा कि इलाज के दौरान होने वाला खर्च कई बार परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। कैशलेस चिकित्सा योजना से इस आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में यह एक अहम पहल है।
परिवार को भी मिलेगा फायदा
कार्यक्रम में बताया गया कि योजना का लाभ केवल शिक्षक या कर्मचारी तक सीमित नहीं रहेगा। पात्र लाभार्थियों के परिवार को भी योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इससे गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम होगा। लाभार्थियों को कार्ड के इस्तेमाल, योजना की पात्रता और सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इलाज कराने से पहले योजना से जुड़े नियमों और अस्पतालों की सूची की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
मंच पर रहे मंत्री और जनप्रतिनिधि
डीएसएन पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) योगेन्द्र उपाध्याय, राज्यमंत्री रजनी तिवारी और सदर विधायक पंकज गुप्ता मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उससे जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी ध्यान दे रही है। कैशलेस चिकित्सा कार्ड मिलने से कर्मचारियों को बेहतर इलाज की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
आनंद घाट पहुंचे डीएम और एसएसपी : कांवड़ यात्रा से पहले गंगा घाटों का लिया जायजा
Sat, Jul 25, 2026
बाढ़ से निपटने के लिए विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
उन्नाव। सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ और बारिश के मौसम में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार दोपहर डीएम घनश्याम मीणा और एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने आनंद घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने नाव से गंगा के तटीय इलाकों का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजामों के साथ ही कटान प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग कराने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और अस्थायी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ स्वयंसेवकों की भी मदद लेने को कहा गया।
महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम, मोबाइल टॉयलेट भी होंगे
प्रशासन ने घाटों पर साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि स्नान के दौरान किसी को परेशानी न हो।
नाव से पहुंचे तटीय इलाकों में
डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों के साथ नाव से गंगा के तटीय क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान बाढ़ की स्थिति में संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों और कटान प्रभावित इलाकों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए।
गोताखोर मोहल्ला और मिश्रा घाट पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान गोताखोर मोहल्ला और मिश्रा घाट समेत कटान की आशंका वाले क्षेत्रों को लेकर भी अधिकारियों ने जानकारी ली। सिंचाई विभाग को इन इलाकों में कटान रोकने के लिए चल रहे काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कटान प्रभावित क्षेत्रों में जियोबैग और पोरक्यूपाइन लगाने का काम भी तेजी से पूरा करने को कहा गया, जिससे तटों को कटान से बचाया जा सके। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम सुशील कुमार गोंड, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा और संभावित बाढ़ को लेकर सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और बाढ़ से बचाव पर रहेगा।
पतंग का मांझा बना जानलेवा : चाइनीज मांझे ने बाइक सवार को किया लहूलुहान
Sat, Jul 25, 2026
उन्नाव-हरदोई मार्ग पर हादसा, पत्नी के पैर की अंगुली भी कटी, दोनों जिला अस्पताल रेफर
उन्नाव। उन्नाव-हरदोई मार्ग पर शुक्रवार शाम पतंग का मांझा बाइक सवार दंपती के लिए जानलेवा बन गया। फतेहपुर गांव के पास अचानक सड़क पर आए प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने बाइक चला रहे युवक की गर्दन को चीर दिया। इसके बाद मांझा पीछे बैठी उसकी पत्नी के पैर में उलझा और बाएं पैर की अंगुली भी काट दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने खून से लथपथ दंपती को एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शुक्रवार शाम करीब छह बजे हुआ हादसा
फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के हयासपुर गांव निवासी विक्रम (23) शुक्रवार शाम पत्नी शिवानी (21) के साथ बाइक से उन्नाव की ओर जा रहे थे। दोनों उन्नाव-हरदोई मार्ग पर सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव के पास पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक एक पतंग का मांझा हवा में लहराता हुआ बाइक के सामने आ गया।
पहले युवक के गले में लिपटा, फिर पत्नी के पैर में फंसा
बाइक की रफ्तार के बीच मांझा सीधे विक्रम के गले में आकर फंस गया। इससे उसकी गर्दन पर गहरा कट लग गया और वह खून से लथपथ हो गया। विक्रम के पीछे बैठी शिवानी ने संभलने की कोशिश की, लेकिन मांझा उसके पैर में भी उलझ गया। इसके चलते उसके बाएं पैर की अंगुली कट गई। अचानक हुए हादसे से दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए।
राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने दंपती को घायल हालत में देखा तो मदद के लिए रुक गए। सूचना पर एंबुलेंस बुलाकर दोनों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
कटकर सड़क पर गिरा मांझा बना हादसे की वजह
प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि किसी स्थान पर पतंग कटने के बाद चाइनीज मांझा सड़क के ऊपर लटकता हुआ रह गया था। बाइक सवार दंपती उसके संपर्क में आ गए और हादसा हो गया। प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
दुकानों पर होगी चेकिंग
सफीपुर कोतवाल संदीप मिश्र ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को लेकर दुकानों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। घायल पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी इसके अलावा मांझा कहां से खरीदा गया, इसकी भी जांच कराई जाएगी।